बुधवार, अगस्त 11, 2010

जब सीना फ़ाड दिया श्री राम नजर आये ।

भक्ति के रंग में हनुमान नजर आये ।
जब सीना फ़ाड दिया श्री राम नजर आये ।
राणा ने मीरा को जहर जब खिलाया था ।
उस जहर के प्याले में घनश्याम नजर आये ।
भक्ति के रंग में हनुमान नजर आये ।
शबरी ने संकट में श्रीराम को पुकारा था ।
जब बेर खिलाये तो श्रीराम नजर आये ।
भक्ति के रंग में हनुमान नजर आये ।
द्रोपदी ने संकट में श्रीकृष्ण को पुकारा था ।
साडी के चीर में श्रीकृष्ण नजर आये ।
भक्ति के रंग में हनुमान नजर आये ।
कलियुग में भक्तों ने श्रीराम को पुकारा था ।
भक्तों के कीर्तन में श्रीराम नजर आये ।
भक्ति के रंग में हनुमान नजर आये ।
प्रहलाद ने संकट में श्रीकृष्ण को पुकारा था ।
महलों के खम्बों में नरसिंह नजर आये ।
भक्ति के रंग में हनुमान नजर आये ।
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" जाकी रही भावना जैसी । हरि मूरत देखी तिन तैसी । "
" सुखी मीन जहाँ नीर अगाधा । जिम हरि शरण न एक हू बाधा । "विशेष--अगर आप किसी प्रकार की साधना कर रहे हैं । और साधना मार्ग में कोई परेशानी आ रही है । या फ़िर आपके सामने कोई ऐसा प्रश्न है । जिसका उत्तर आपको न मिला हो । या आप किसी विशेष उद्देश्य हेतु कोई साधना करना चाहते हैं । और आपको ऐसा लगता है कि यहाँ आपके प्रश्नों का उत्तर मिल सकता है । तो आप निसंकोच सम्पर्क कर सकते हैं ।

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