रविवार, मार्च 28, 2010

तेरे मकान में दो कमी हैं ?

आज से लगभग पाँचसौ बरस पहले की बात है .कबीरसाहेब के समय में एक राजा हुआ था जिनका नाम वीर सिंह था .एक बार राजा वीर सिंह ने एक बेहद शानदार महल का निर्माण करवाया और घोषणा कर दी कि जो कोई उस महल में एक भी कमी निकाल देगा उसे भारी पुरस्कार दिया जायेगा .लोग पुरस्कार की आशा में जाते और कमी खोजने की बेहद कोशिश करते पर उन्हे कोई कमी नजर ही नही आती . फ़क्कङ संत कबीर ने भी सुना और टहलते हुये पहुँच गये और
घूमते हुये महल को देखने लगे फ़िर बोले राजा तेरे महल में दो कमी है .राजा ये सुनकर चौंक गया वह तो एक कमी की बात कह रहा था और कबीर दो कमी बता रहे थे .उसने पूछा कि वे दो कमी क्या हें ?
कबीर बोले एक तो ये कि कुछ समय बाद इस महल को बनबाने वाला नहीं रहेगा (अर्थात समय आने पर वो मर जायेगा और महल यहीं पङा रह जायेगा ) और दूसरी ये कि कुछ और अधिक समय बाद ये महल भी नष्ट होकर मिट्टी में मिल जायेगा अर्थात ये दोनों ही नाशवान हैं संत कबीर की इस बात ने सीधे राजा के ह्रदय पर चोट की और वो कबीर के पैरों में गिर पङा और बाद में कबीर का शिष्य बना .

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