रविवार, मार्च 28, 2010

मरी गाय दूध क्यों नहीं देती..??.

एक बार जब कबीर साहेब रामानंद के यहाँ थे . पितरपक्ष (श्राद्ध ) पङा . रामानंद ने कबीर से कहा कि गाय को चारा खिलाकर उसका दूध दुह लाओ ताकि पितरों (म्रत पूर्वजों को हिंदू धर्म में पितर कहा जाता है ) को खाना खिलाकर सब लोग खाना खा सकें .कबीर चारा लेकर एक मरी गाय के पिंजर के पास पहुँचे और चारा उसके सामने डालकर बैठ गये और कहने लगे ..जल्दी से चारा खाले और दूध दे..जब कबीर बहुत देर
तक दूध लेकर नहीं पहुँचे तो रामानंद गुस्से में डंडा लेकर कबीर को खोजने पहुँचे तो देखा कि कबीर मरी गाय के सामने चारा डालकर उससे
दूध देने की कह रहे हैं .रामानंद ने गुस्से से कहा कि मरी गाय कैसे चारा खायेगी...कबीर साहब हँसकर बोले कि अगर ये मरी गाय चारा नहीं
खा सकती तो फ़िर मरे हुये पूर्वज कैसे खाना खा सकते हैं..इस बात ने रामानंद के ह्रदय पर गहरा असर किया .
तू अजर अनामी वीर भय किसकी खाता तेरे ऊपर कोई न दाता
वास्तव में ये आत्मा अपने निर्विकार रूप में सबसे बङी शक्ति है .

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